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Thursday, April 21, 2011

दवाई का प्रिस्क्रिप्शन

एक भद्र महिला एक फार्मेसी में गई और सीधे जाकर फार्मासिस्ट से कहा : ‘मैं सायनाइड खरीदना चाहती हूं।’ 
फार्मासिस्ट ने पूछा : ‘क्यों?’ 
उसने जवाब दिया : ‘मैं अपने पति को सायनाइड खिला देना चाहती हूं।’
फार्मासिस्ट हैरान रह गया। उसने कहा : ‘मैं आपको सायनाइड नहीं दे सकता। यह गैरकानूनी है। अगर मैंने आपको सायनाइड दिया तो मेरा लाइसेंस छिन जाएगा। पुलिस हम दोनों को जेल में कैद कर देगी। मैं बरबाद हो जाऊंगा।’
महिला चुप रही। फिर उसने अपने पर्स में हाथ डाला और उसमें से एक फोटो निकाला। फोटो में उसका पति फार्मासिस्ट की पत्नी के साथ था।
फार्मासिस्ट ने फोटो देखा और कहा : ‘आपने पहले क्यों नहीं बताया कि आप दवाई के लिए प्रिस्क्रिप्शन भी लेकर आई हैं!’

Tuesday, April 19, 2011

हनीमून मनाने निकले इस जोड़े का पीछा कर रही थी तबाही


स्वीडन के स्टॉकहोम में रहने वाले स्टीफन स्वैनस्ट्रॉम और एरिका की मुलाकात 2007 में हुई थी, तभी से दोनों साथ में रह रहे हैं। अब तके वे 16 देश घूम चुके हैं। उनकी एक बेटी भी है एलिनॉर। 27 नवंबर 2010 को उन्होंने शादी की और एक सप्ताह बाद हनीमून मनाने के लिए निकल पड़े। 

पहला स्टॉप था म्यूनिख, जहां बर्फबारी ने उनकी सिंगापुर की फ्लाइट एक दिन लेट कर दी। फिर थाईलैंड और बाली होते हुए वे ऑस्ट्रेलिया के केर्न्‍स पहुंचे। केर्न्‍स में वे बारिश और तूफान में फंस गए। इससे बचकर वे ब्रिस्बेन पहुंचे, यहां बाढ़ आ गई। बाढ़ से बचकर वे पर्थ पहुंचे तो वहां आग लग गई। अगला मुकाम था न्यूजीलैंड का क्राइस्टचर्च। यहां उनके कदम पड़ते ही भूकंप आ गया। फिर वे पहुंचे जापान। यहां वे टोक्यो में लंच कर रहे थे और भूकंप आ गया।

मौत के दरवाजे से हर बार लौटाया गया यह शख्स


क्रोएशिया के फ्राने सेलक का जन्म 1929 में हुआ था। जनवरी 1962 में वे ट्रेन से साराजीवो से डूब्रोवनिक जा रहे थे। ट्रेन पटरी से उतरकर बर्फ जमी हुई नदी में गिरी। हादसे में 17 लोग मारे गए थे लेकिन फ्राने का सिर्फ एक हाथ टूटा था। इसके अगले साल वे ज़गरेब से रिजेका की हवाई यात्रा कर रहे थे। 

अचानक प्लेन का दरवाजा उखड़ा और यात्री बाहर आ गए। यहां भी 19 लोग मारे गए थे लेकिन फ्राने भूसे के ढेर पर गिरने से बच गए। 1966 में वे बस से यात्रा कर रहे थे। बस नदी में गिरी, चार लोग मारे गए लेकिन फ्राने को खरोंच तक नहीं आई। 1970 में एक खराब पंप की वजह से उनकी कार अचानक लपटों में घिर गई लेकिन यहां भी फ्राने बच गए। 

1973 में उनकी एक और कार में आग लगी थी। इस बार भी फ्राने बच गए सिर्फ उनके बाल जले थे। 1995 में सिटी बस ने उन्हें टक्कर मारी और उन्हें मामूली सी चोटें आईं। 1996 में एक घाट पर ट्रक से बचने के लिए उन्हें कार खाई में कुदाना पड़ी थी। वे एक पेड़ पर अटक गए और कार 300 फीट नीचे खाई में गिरी। वहीं उन्हें 2003 में 10 लाख डॉलर की लॉटरी भी लगी थी। वे कहते हैं कि आप मुझे दुनिया का सबसे खुशनसीब या बदनसीब आदमी कह सकते हैं।

Thursday, April 7, 2011

चश्मे से चाहिए आजादी तो आजमाएं ये पांच नुस्खे

आजकल काम या पढ़ाई के कारण जरूरत से ज्यादा आंखों पर बोझ पड़ रहा है। पौष्टिक खाने की कमी के कारण भी अधिकाशंत लोगो की आंखें कमजोर होती जा रही हैं । 

अक्सर देखने में आता है कि छोटे-छोटे बच्चों को भी जल्दी ही मोटे नम्बर का चश्मा चढ़ जाता है। अगर आपको भी चश्मा लगा है तो आपका चश्मा उतर सकता है।

नीचे बताए नुस्खों को करीब चालीस दिनों तक प्रयोग में लाएं निश्चित ही आपकी आंखों की रोशनी भी तेज होगी।

  1. बादाम की गिरी, सौंफ बड़ी और मिश्री तीनों का पावडर बनाकर रोज एक चम्मच एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें|
  2. पैर के तलवों में सरसों का तेल मालिश करने से आखों की रोशनी तेज होती है।
  3. सुबह उठते ही मुंह में ठण्डा पानी भरकर मुंह फुलाकर आखों में छींटे मारने से आखें की रोशनी बढ़ती है।
  4. त्रिफला के पानी से आखें धोने से आखों की रोशनी तेज होती है।
  5. रोज सुबह नंगे पांव हरी घास पर घूमें|