ओस्लो। जेल का नाम सुनते ही आंखों के सामने एक ओर सलाखों और तीन ओर दीवारों से घिरी एक काल कोठरी की तस्वीर उभरती है। गंदी सी जगह, एक कोने में रखा पानी का मटका, जमीन पर बिछा कंबल और एक छोटी सी कोठरी में बंद तीन-चार कैदी। पर नार्वे में लगभग 2.25 करोड़ डॉलर की लागत से एक ऎसा जेल बनाया गया है, जो किसी फाइव स्टार होटल के कमरे जैसा सुख देगा।
हैल्डेन जेल को दुनिया का सबसे लक्जरी जेल माना जा रहा है। इस जेल को बनाने में लगभग 10 साल का लंबा समय लगा। जेल अधिकारियों का मानना है कि 75 एकड़ में बना यह जेल देश के क्राइम रेट को कम करने में मददगार साबित होगा। हालांकि, नार्वे में पहले ही अपराध का ग्राफ काफी कम है। इस जेल में 252 कैदी हैं और इसे दुनिया के सर्वोच्च मानवीय जेल की संज्ञा दी जा रही है।
काल कोठरी या फाइव स्टार होटल
जेल में हर कैदी को अलग-अलग कमरे में रखा गया है और कमरे में ऎशो-आराम की हर सुविधा उपलब्ध है। हर कमरे में एक मिनी फ्रिज, फ्लैट स्क्रीन टीवी और प्राइवेट इन-सूट बाथरूम है और यहां तक कि सूरज की किरणों के अच्छी तरह से कमरे में आने के लिए खिड़कियां भी सलाखों रहित हैं। इसके साथ ही प्रत्येक 12-15 कमरों के कैदियों के लिए टॉप स्पेस में एक किचन की भी व्यवस्था की गई है। वहीं, बैठने के लिए सोफा भी रखा गया है।
जिम और लाइब्रेरी भी
इस जेल में रहने वाले कैदी जिम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जिम में व्यायाम से संबंधित सभी आवश्यक मशीनें मौजूद हैं। वहीं, एक म्युजिक स्टूडियो और लक्जरी लाइब्रेरी भी यहां पर बनी हुई है।
ताकि दोबारा न करें अपराध
जेल के आर्किटेक्ट हंस हेन्रिक के मुताबिक लक्जरी जेल बनाने का मकसद अपराध को कम करना है। उन्होंने कहा कि यह कैदियों को दोबारा अपराध न करने के लिए प्रेरित करेगा। हेन्रिक के अनुसार यह जेल कैदियों को अलग दुनिया में ले जाएगी। हालांकि, जेल की सुरक्षा की खासी व्यवस्था की गई है। जेल से किसी कैदी का भाग पाना मुमकिन नहीं होगा। इसके चारों ओर 200 फीट ऊंची कंक्रीट की सुरक्षा दीवार बनाई गई है। वहीं, कैदियों की मुश्किल के लिए चारों ओर बड़े-बड़े पेड़ और दूसरी बाधाएं भी मौजूद हैं।
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