
बिना नंबर बदले मोबाइल कंपनी बदलने की सुविधा यानि मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) आज से शुरू हो गई है। हालांकि हरियाणा में यह सर्विस पिछले साल नवंबर महीने के आखिर में ही शुरू कर दी गई थी, लेकिन आज से इस सर्विस को देशभर में लागू कर दिया गया है।
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के शुरू होने के बाद कोई भी कस्टमर अपना नंबर बदले बिना, ऑपरेटर बदल सकेगा। यानी यदि ग्राहक अपने ऑपरेटर की सेवाओं से संतुष्ट नहीं है और वह दूसरे टेलिकॉम ऑपरेटर के साथ जुड़ना चाहता है तो इसके लिए उसे अपना फोन नंबर छोड़ने की जरूरत नहीं। अच्छी बात यह है कि इस सेवा का लाभ प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहक उठा सकते हैं।
कैसे बदलेगा ऑपरेटर?
अगर कोई मोबाइल उपभोक्ता अपनी मोबाइल कंपनी बदलना चहता है तो उसे अपने फोन से 1900 पर एक एसएमएस भेजना होगा। इस मैसेज में आपको सबसे आगे अंग्रेजी में PORT लिखना होगा। फिर एक स्पेस छोड़ कर अपना मोबाइल नंबर टाइप करना होगा। इसके बाद उपभोक्ता को उसके वर्तमान सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से एसएमएस के रूप में एक यूनिक पोर्टिंग कोड प्राप्त होगा। उसके बाद नए सेवा प्रदाता के पास अपना नम्बर स्थानांतरित करने के लिए उपभोक्ता को उस कोड के साथ एक आवेदन पत्र भरना होगा। साथ अपना पहचान पत्र और निवास प्रमाण से जुड़े डॉक्यूमेंट भी देना होगा। बताया जा रहा है कि आवेदन करने के चार दिनों के भीतर उपभोक्ता की मोबाइल कंपनी बदल जाएगी। अपनी मोबाइल कंपनी को बदलने के लिए ग्राहकों को शुल्क के तौर पर केवल 19 रुपए चुकाने होंगे।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपके प्रीपेड मोबाइल में बैलेंस बचा है तो उसका इस्तेमाल कर लें। क्योंकि मोबाइल कंपनी बदलने के बाद आपका पुराना बैलेंस अपने आप ही शुन्य हो जाएगा। हां, एक और जरूरी बात यह है कि अगर आप अपने पोस्टपेड कनेक्शन पर एमएनपी का फायदा उठाना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि आपका पुराना बिल बकाया नहीं होना चाहिए।
आप CDMA से GSM या GSM से CDMA में जा सकते है, लेकिन एक राज्य से दूसरे राज्य में Operator नहीं बदल सकते|
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